- संयुक्त वाक्य को साधारण वाक्य में किस प्रकार रूपांतरित किया जाता है, लिखिए।
- ‘शैलेंद्र ने ऐसी फ़िल्म बनाई थी जिसे सच्चा कवि हृदय ही बना सकता है।’ – रचना की दृष्टि से वाक्य-भेद लिखिए।
- ‘शैलेंद्र के गीत भाव-प्रवण थे, लेकिन दुरूह नहीं।’ – मिश्र वाक्य में रूपांतरित कीजिए। –
- ‘भाई साहब ने मुझे गले लगा लिया और बोले’ – सरल वाक्य में रूपांतरित कीजिए।
- ‘भाई साहब वहीं हाथ पकड़ उग्र भाव से बोले’ – संयुक्त वाक्य में रूपांतरित कीजिए।
- ‘कलाकार का यह कर्तव्य है कि वह दर्शकों की रुचियों का परिष्कार करे।’ रचना की दृष्टि से वाक्य-भेद बताइए ।
- ‘गाँव के लोग भी तताँरा के विरोध में आवाजें उठाने लगे ।’ कीजिए। -मिश्र वाक्य में रूपांतरण
- ‘मैं भाई साहब का अदब करता था इसलिए उनकी नज़र बचाकर पतंग उड़ाता था।’– सरल वाक्य में रूपांतरण कीजिए।
- ‘समय की पाबंदी पर चार पन्नों का एक निबंध लिखिए ।’ – संयुक्त वाक्य में रूपांतरण कीजिए।
- ‘वामीरो का दुख उसे और गहरा कर रहा था।’ – रचना की दृष्टि से वाक्य-भेद बताइए।
- ‘तताँरा की तलवार लोगों के लिए विलक्ष्ण रहस्य थी।’ मिश्र वाक्य में रूपांतरित कीजिए।
- ‘जुलूस धर्मतल्ले के मोड़ पर पहुँचा और टूट गया।’ – सरल वाक्य में रूपांतरित कीजिए । –
- ‘पतंग की डोर पकड़कर बड़े भाई साहब बेतहाशा हॉस्टल की ओर दौड़े।’ संयुक्त वाक्य में रूपांतरित कीजिए ।
- “भाई साहब कहते थे कि परीक्षा में सफलता कठिन परिश्रम से ही मिलती है -सरल वाक्य में रूपांतरित कीजिए । –
- मैं खेलना चाहता था और भाई साहब पढ़ाई के लिए मुझे समझाते थे।” मिश्र वाक्य में रूपांतरित कीजिए|
Answer
- संयोजक/योजक / समुच्चय बोधक शब्द को हटाकर एक प्रधान क्रिया रखते हुए
- मिश्र वाक्य
- शैलेन्द्र के जो गीत थे वे दुरूह न होकर भाव-प्रवण थे।
- भाई साहब मुझे गले लगाकर बोले ।
- भाई साहब ने वहीं हाथ पकड़ लिया और उग्र भाव से बोले ।
- मिश्र वाक्य
- गाँव के जो लोग थे वे भी तताँरा के विरोध में आवाजें उठाने लगे थे।
- भाई साहब का अदब करने के कारण मैं उनकी नज़र बचाकर पतंग उड़ाता था।
- समय की पाबंदी पर एक निबंध लिखिए और वह चार पन्नों का हो।
- सरल वाक्य
- तताँरा की जो तलवार थी वह लोगों के लिए विलक्षण रहस्य थी।
- जुलूस धर्मतल्ले के मोड़ पर पहुँचकर टूट गया।
- बड़े भाई साहब ने पतंग की डोर पकड़ी और वे बेतहाशा हॉस्टल की ओर दौड़े।
- भाई साहब के अनुसार परीक्षा में सफलता कठिन परिश्रम से ही मिलती है|
- भाई साहब मुझे पढ़ाई के लिए समझाते थे, जबकि मैं खेलना चाहता था।”

Leave a comment