आत्मत्राण
- दुःख-ताप – दुःख से ताप (तत्पुरुष समास)
- बल -पौरुष = बल और पौरुष(द्वंद्व समास)
- दुःख-रात्रि -दुःख रूपी रात्रि (कर्मधारय)
- अनुदिन–हर- दिन (अव्ययीभाव समास)
- रोग रहित- रोग से रहित (तत्पुरुष समास)
- निर्भय- भय से रहित (अव्ययीभाव समास)
- नत शिर=नत है जो शिर (कर्मधारय)
- छिन-छिन= हर पल (अव्ययीभाव समास)

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