प्रश्न 1. कहानी में निर्धन ब्राह्मण का क्या नाम था? (क) शिव शर्मा (ख) देव शर्मा (ग) राम शर्मा (घ) हरि शर्मा उत्तर: (ख) देव शर्मा
प्रश्न 2. देव शर्मा ने वन में जाकर किससे सुख और संपत्ति प्राप्त करने का उपाय पूछा? (क) एक राजा से (ख) एक व्यापारी से (ग) एक तपस्वी से (घ) अपने मित्र से उत्तर: (ग) एक तपस्वी से
प्रश्न 3. तपस्वी के अनुसार मनुष्य को क्या प्राप्त होता है? (क) जो वह छल-बल से छीनता है (ख) जो उसके भाग्य में लिखा होता है (ग) जो वह दूसरों से मांगता है (घ) धन की अत्यधिक चिंता करने से उत्तर: (ख) जो उसके भाग्य में लिखा होता है
प्रश्न 4. थकान मिटाने के लिए ब्राह्मण किस वृक्ष की छाया में सो गया? (क) पीपल (ख) वटवृक्ष (बरगद) (ग) आम (घ) नीम उत्तर: (ख) वटवृक्ष (बरगद)
प्रश्न 5. वटवृक्ष की शाखा पर बैठे दो पक्षी वास्तव में कौन थे? (क) साधारण पक्षी (ख) देवदूत (ग) मायावी राक्षस (घ) चोरों के साथी उत्तर: (ख) देवदूत
प्रश्न 6. चोरों ने जब सोते हुए ब्राह्मण की तलाशी ली, तो उन्हें क्या मिला? (क) सोने के सिक्के (ख) खाने का सामान (ग) एक फूटी कौड़ी भी नहीं (घ) मूल्यवान वस्त्र उत्तर: (ग) एक फूटी कौड़ी भी नहीं
प्रश्न 7. चोरों को सोने के सिक्कों से भरा घड़ा कहाँ से प्राप्त हुआ? (क) वटवृक्ष की जड़ के ठीक नीचे से (ख) नदी के किनारे से (ग) ब्राह्मण की पोटली से (घ) गुफा के अंदर से उत्तर: (क) वटवृक्ष की जड़ के ठीक नीचे से
प्रश्न 8. नगर जाकर भोजन लाने वाले चोर ने अपने साथी को मारने के लिए क्या किया? (क) भोजन में विष (ज़हर) मिला दिया (ख) सिपाहियों को बुला लिया (ग) हथियार खरीद लाया (घ) उसे जंगल में अकेला छोड़ दिया उत्तर: (क) भोजन में विष (ज़हर) मिला दिया
प्रश्न 9. धन के लालच में दोनों चोरों का अंत किस प्रकार हुआ? (क) वे धन लेकर भाग गए (ख) एक ने दूसरे पर वार करके मार दिया और स्वयं विषैला भोजन खाकर मर गया (ग) राजा के सैनिकों ने उन्हें पकड़ लिया (घ) वे आपस में धन बाँटकर मित्र बन गए उत्तर: (ख) एक ने दूसरे पर वार करके मार दिया और स्वयं विषैला भोजन खाकर मर गया
प्रश्न 10. इस कहानी से हमें क्या मुख्य शिक्षा मिलती है? (क) लालच विनाश की ओर ले जाता है, जबकि संतोष और अच्छे कर्म जीवन को सुखी बनाते हैं (ख) धन प्राप्त करने के लिए चिंता और छल करना चाहिए (ग) दूसरों की संपत्ति छीन लेना बुद्धिमानी है (घ) भाग्य पर विश्वास नहीं करना चाहिए उत्तर: (क) लालच विनाश की ओर ले जाता है, जबकि संतोष और अच्छे कर्म जीवन को सुखी बनाते हैं

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