GRADE 9- गंगा (भाग–1)’दो बैलों की कथा’ (प्रेमचंद) LESSON PLAN
शिक्षण उद्देश्य
1. ज्ञानात्मक
- छात्र कहानी की कथावस्तु, पात्रों एवं घटनाओं को समझ सकेंगे।
- छात्र लेखक प्रेमचंद के जीवन एवं साहित्यिक योगदान का परिचय प्राप्त करेंगे।
- छात्र पशु-प्रेम, मित्रता एवं स्वतंत्रता के महत्व को समझ सकेंगे।
2. कौशलात्मक
- छात्र शुद्ध उच्चारण के साथ पाठ का वाचन कर सकेंगे।
- छात्र कहानी का सारांश अपने शब्दों में प्रस्तुत कर सकेंगे।
- छात्र प्रश्नों के उत्तर एवं रचनात्मक गतिविधियाँ कर सकेंगे।
3. बोधात्मक
- छात्र मित्रता, निष्ठा, सहानुभूति तथा स्वतंत्रता के मूल्यों को आत्मसात करेंगे।
- छात्र पशुओं के प्रति संवेदनशीलता का विकास करेंगे।
4. प्रयोगात्मक
- छात्र कहानी के मूल्यों को अपने व्यवहार में अपनाने का प्रयास करेंगे।
- छात्र मुहावरों एवं उपवाक्यों का प्रयोग वाक्यों में कर सकेंगे।
सहायक शिक्षण सामग्री
- श्यामपट्ट, चाक एवं डस्टर
- पाठ्यपुस्तक
- पावर पॉइंट प्रस्तुति
- लेखक एवं पात्रों के चित्र
- कार्यपत्रक
पूर्व ज्ञान
- छात्रों ने पशुओं एवं उनके व्यवहार से संबंधित कहानियाँ पढ़ी हैं।
- छात्र बैल, किसान तथा ग्रामीण जीवन से परिचित हैं।
- छात्र मित्रता एवं स्वतंत्रता के महत्व को जानते हैं।
प्रस्तावना प्रश्न
- क्या पशुओं में भी भावनाएँ होती हैं?
- क्या आपने किसी पशु को अपने मालिक से प्रेम करते देखा है?
- यदि आपको अपनी स्वतंत्रता छीन ली जाए तो आपको कैसा लगेगा?
- बैल किसान के जीवन में किस प्रकार उपयोगी होते हैं?
उद्देश्य कथन
बच्चो! आज हम प्रसिद्ध कथाकार प्रेमचंद द्वारा रचित कहानी “दो बैलों की कथा” का अध्ययन करेंगे, जिसमें मित्रता, निष्ठा, पशु-प्रेम तथा स्वतंत्रता की भावना का सुंदर चित्रण किया गया है।
पाठ की इकाइयाँ
प्रथम अन्विति
(जानवरों में गधा ………… उन्हीं की-सी कहोगे)
- गधे की विशेषताएँ
- आदमी से गधे की तुलना
- बैल की विशेषताएँ
- हीरा और मोती की मित्रता
- दोनों बैलों का नए स्थान पर जाना
- बैलों का झूरी के पास लौट आना
द्वितीय अन्विति
(दूसरे दिन झूरी ………… बंद कर दिए गए)
- बैलों से अधिक काम लेना
- बालिका और बैलों का आत्मीय संबंध
- रस्सी तोड़कर भाग जाना
- स्वतंत्रता का आनंद
- साँड से मुकाबला
- काँजीहौस में बंद होना
तृतीय अन्विति
(वहाँ और भी जानवर ………… खली-भूसी-चूनी खाते दिखाई पड़े)
- जानवरों की दयनीय दशा
- दीवार तोड़कर जानवरों को मुक्त करना
- कसाई को बेचा जाना
- घर का रास्ता पहचानना
- झूरी के घर वापसी
- मोती द्वारा दढ़ियल को खदेड़ना
- सुखद अंत
शिक्षण विधि
| क्रमांक | अध्यापक-क्रिया | छात्र-क्रिया |
| 1 | कहानी का सारांश सुनाना एवं घटनाओं का क्रम स्पष्ट करना। | ध्यानपूर्वक सुनना एवं समझना। |
| 2 | लेखक प्रेमचंद का परिचय देना। | आवश्यक तथ्य अभ्यास-पुस्तिका में लिखना। |
| 3 | आदर्श वाचन करना। | उच्चारण एवं पठन शैली पर ध्यान देना। |
| 4 | पाठ के अनुच्छेदों की व्याख्या करना। | पाठ को समझना एवं प्रश्न पूछना। |
| 5 | पात्रों का चरित्र-चित्रण कराना। | पात्रों की विशेषताएँ लिखना। |
| 6 | कठिन शब्दों के अर्थ समझाना। | शब्दार्थ लिखना एवं याद करना। |
| 7 | छात्रों से वाचन करवाना एवं त्रुटियों का सुधार करना। | शुद्ध उच्चारण के साथ वाचन करना। |
| 8 | मुहावरों एवं उपवाक्यों का अभ्यास कराना। | उदाहरण लिखना एवं अभ्यास करना। |
| 9 | कहानी के नैतिक मूल्यों पर चर्चा कराना। | अपने विचार व्यक्त करना। |
व्याकरण
मुहावरे
- फूल उठना
- खरी-खोटी सुनाना
- धीरज रखना
- सींग चलाना
- हाथ-पाँव फूलना
उपवाक्य (रचना के आधार पर वाक्य भेद)
- सरल वाक्य
- मिश्र वाक्य
- संयुक्त वाक्य
गतिविधियाँ
- हीरा और मोती का संवाद लेखन।
- कहानी का नाट्य रूपांतरण।
- पशु-प्रेम पर पोस्टर निर्माण।
- स्वतंत्रता का महत्व विषय पर समूह चर्चा।
- कहानी का चित्रात्मक सार प्रस्तुत करना।
- किन्ही पाँच स्वतंत्रता सेनानियों का चित्र चिपकाना और उनके द्वारा बोले गए प्रसिद्ध नारे लिखना|
गृह-कार्य
- कहानी का सारांश अपने शब्दों में लिखिए।
- हीरा और मोती का चरित्र-चित्रण लिखिए।
- कहानी से पाँच मुहावरे खोजकर वाक्य बनाइए।
- “स्वतंत्रता का महत्व” विषय पर 100 शब्द लिखिए।
परियोजना कार्य
विषय : “पशु हमारे मित्र”
विद्यार्थी अपने आसपास के किसी पालतू पशु का अवलोकन कर उसकी आदतों, उपयोगिता एवं उसके प्रति मानवीय व्यवहार पर एक लघु परियोजना तैयार करें।
मूल्यांकन
- कहानी का मुख्य संदेश क्या है?
- हीरा और मोती में कौन-कौन से गुण थे?
- बालिका बैलों की सहायता क्यों करती थी?
- बैलों ने काँजीहौस से जानवरों को कैसे मुक्त कराया?
- कहानी से हमें कौन-कौन से जीवन-मूल्य प्राप्त होते हैं?
शिक्षण निष्कर्ष
यह कहानी मित्रता, निष्ठा, स्वतंत्रता-प्रेम, साहस एवं पशुओं के प्रति संवेदनशीलता का संदेश देती है। हीरा और मोती के माध्यम से लेखक ने मानवीय मूल्यों को अत्यंत प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया है।

Leave a Reply